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अंबाला में नशे में धुत हेड कॉन्स्टेबल ने कार से युवती को कुचला, हादसे के बाद बोला- मैं परेशान था…

काली पलटन पुल के पास बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में युवती की मौत हो गई। आरोप हैं कि नशे में धुत्त एक पुलिसकर्मी ने तेज रफ्तार होंडा सिटी कार (एचआर 29एई 8282) से पहले एक ई-रिक्शा को टक्कर मारी और फिर सड़क पर उछलकर गिरी युवती को कुचल दिया।

हादसे में 24 वर्षीय निकिता बजाज की मौत हो गई। घटना के बाद ट्रामा सेंटर में स्वजनों और पुलिस के बीच जमकर हंगामा हुआ। स्वजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस अपने कर्मचारी को बचाने का प्रयास कर रही है।

जानकारी के अनुसार करतार नगर निवासी निकिता बजाज अपने भाई हर्ष बजाज के साथ दिल्ली से अंबाला छावनी ट्रेन से पहुंची थी।

हर्ष के सिर में कुछ समय पहले चोट लगी थी और दोनों रात करीब सवा आठ बजे अंबाला छावनी से शहर के लिए ई-रिक्शा में सवार हुए। ई-रिक्शा में पटेल नगर निवासी केशव और उसकी पत्नी पूनम भी बैठे थे, जबकि मिलाप नगर निवासी रविंद्र ई-रिक्शा चला रहा था।

वर्दी में था आरोपित पुलिसकर्मी, भीड़ ने निकाला कार से बाहर

ई-रिक्शा चालक रविंद्र ने बताया कि जैसे ही वह काली पलटन पुल से करीब 100 मीटर आगे शहर की ओर बढ़ा, पीछे से तेज रफ्तार होंडा सिटी ने जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा अनियंत्रित हो गया और उसमें बैठी निकिता उछलकर सड़क पर जा गिरी।

रविंद्र ने किसी तरह रिक्शे को पलटने से बचाया, लेकिन इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, कार चालक ने सड़क पर गिरी निकिता को कुचल दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक ने आगे जाकर गाड़ी रोकी, फिर दोबारा ई-रिक्शा की ओर बढ़ा, लेकिन भीड़ को इकट्ठा होता देख ब्रेक लगा दी।

मौके पर जुटे लोगों ने कार चालक को बाहर निकाला। आरोप है कि वह नशे में धुत्त था और पुलिस की वर्दी पहने हुए था। स्थानीय लोगों ने डायल 112 और थाना पुलिस को सूचना दी।

घायल निकिता को तत्काल जिला नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान रात करीब 9 बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद रात 11:10 बजे तक ट्रामा सेंटर में बवाल चला।

जमकर हुआ ट्रामा सेंटर में बवाल

घटना के बाद अस्पताल के ट्रामा सेंटर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। निकिता के स्वजन और परिचित बड़ी संख्या में पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपित पुलिसकर्मी का मेडिकल मीडिया के सामने कराया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

परिजनों का कहना था कि यदि कोई आम नागरिक होता तो तुरंत कार्रवाई होती, लेकिन यहां पुलिस अपने ही कर्मचारी को बचाने की कोशिश कर रही है। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने आरोपित पुलिसकर्मी को ट्रामा सेंटर के अंदर बैठाकर कैंची वाले लोहे के गेट बंद कर दिए।

इससे गुस्सा और भड़क उठा। करीब सवा 11:15 बजे तक हंगामा चलता रहा। काफी समझाइश के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन समाचार लिखे जाने तक आरोपित पुलिसकर्मी का मेडिकल नहीं कराया गया था और न ही किसी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

एयरहोस्टेस का किया था कोर्स

मृतका के पिता जसपाल बजाज ने बताया कि काफी विरोध के बाद उन्हें जानकारी मिली कि कार चालक हेड कॉन्स्टेबल अमित कुमार है, जो लालकुर्ती में तैनात है। उन्होंने मांग की कि आरोपित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और मामले की निष्पक्ष जांच हो।

निकिता ने एयरहोस्टेस का कोर्स किया हुआ था और गुरुग्राम स्थित एमएक्स मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत थी। परिवार के अनुसार वह पिछले चार साल से कंपनी में नौकरी कर रही थी। उसका भाई हर्ष नई दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में फ्रंट आफिस सुपरवाइजर है और करीब डेढ़ साल से वहां कार्यरत है।

मां हो गई बेसुध, रो-रोकर बुरा हाल

हादसे की खबर मिलते ही घर में मातम छा गया। मां मंजू बेसुध हो गईं, जबकि चाचा-चाची का भी रो-रोकर बुरा हाल था। भाई हर्ष सदमे में था और बार-बार यही कह रहा था कि कुछ देर पहले तक सब ठीक था, अचानक सब खत्म हो गया।

उधर, ट्रामा सेंटर देर रात तक पुलिस छावनी में तब्दील रहा।

वीरवार को निकिता के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। हालांकि अब शहर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या एक पुलिसकर्मी के खिलाफ कानून उतनी ही सख्ती से लागू होगा, जितनी किसी आम नागरिक पर होती है।

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