सुरक्षित नारी, खुशहाल किसान…‘इमर्जिंग यूपी’ की पिच पर चुनावी ‘हैट-ट्रिक’ की राह आसान बनाते योगी…

UP Budget 2026 | केंद्रीय बजट की तरह प्रदेश के बजट में भी कोई खास लोक-लुभावन घोषणा तो नहीं दिखी, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने 10वें बजट से ‘इमर्जिंग यूपी’ (उभरता हुआ उत्तर प्रदेश) में चुनावी पिच पर ‘हैट-ट्रिक’ लगाने की राह आसान बनाते जरूर दिख रहे हैं।
‘सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान, हर हाथ को काम, तकनीकी निवेश से समद्ध होता उत्तर प्रदेश’ की थीम लिए 9.12 लाख करोड़ रुपये के बजट में खासतौर से अवस्थापना विकास के नैरेटिव के साथ ‘इमर्जिंग टेक्नोलाजी’ को आगे बढ़ाकर योगी ने ‘इमर्जिंग यूपी’ में स्थायी तौर पर भाजपा का राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश की है।
वैसे तो चार वर्ष पहले बड़े संकल्पों के साथ दूसरी बार चुनावी जंग जीत सत्ता संभालने वाली योगी सरकार से उम्मीद जताई जा रही थी कि प्रदेशवासियों को खुश करने के लिए अपने अंतिम मूल बजट में लोक-लुभावनी घोषणाएं करेगी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं मिला।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने जिस लोक कल्याण संकल्प पत्र के जरिए प्रदेशवासियों से 130 प्रमुख वादे किए थे, उनमें से शेष रह गए संकल्पों में वृद्धावस्था, विधवा, निराश्रित महिला, दिव्यांगों की पेंशन डेढ़ हजार रुपये प्रतिमाह करने, 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन को मुफ्त करने जैसे संकल्प प्रमुख हैं।
बुधवार को पेश बजट में ऐसे संकल्पों को पूरा न करने के पीछे कहा जा रहा है कि इन्हें चुनाव से कुछ माह पहले मानसून या शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट के माध्यम से पूरा करने की कोशिश होगी, ताकि अगले वर्ष पहली तिमाही में होने वाले विधानसभा चुनाव में उनसे भाजपा को ज्यादा फायदा हो सके।
नए उत्तर प्रदेश के विजन डाक्यूमेंट के तौर पर पेश किए गए बजट में लोक-लुभावनी घोषणाएं न होने पर भी योगी मानते हैं कि यह बजट सिर्फ वित्तीय दस्तावेज न होकर जन आकांक्षाओं, निवेश विस्तार और रोजगार सृजन की नई पटकथा लिखेगा।
इमर्जिंग टेक्नोलाजी’ के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) मिशन से लेकर स्टेट डाटा अथारिटी के गठन, स्किल डेवलपमेंट हब, डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप योजना व स्टार्टअप आदि पर फोकस कर सरकार ने बड़े पैमाने पर युवाओं को साधने की कोशिश जरूर की है।
जीत-हार का पलड़ा भारी करने वाले नौजवानों के अलावा महिलाओं व किसानों का भी बजट में ख्याल रखा गया है। अन्नदाता किसानों को उद्यमी बनाने के साथ कई योजनाओं में सब्सिडी की धनराशि बढ़ाकर सरकार इस वर्ष प्रस्तावित पंचायत चुनाव की जमीन तैयार करते भी दिख रही है।
ग्रामीण महिलाओं से लेकर शहरी कामकाजी महिलाओं के लिए सुविधाएं बढ़ाकर सरकार ने महिलाओं के बड़े वोट बैंक को भी साधे रहने की कोशिश की है।


