
डॉ. खूबचंद बघेल शासकीय महाविद्यालय, भिलाई-तीन का परिसर इन दिनों असामाजिक तत्वों का जमावड़ा स्थल बनता जा रहा है।
यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। प्रतिदिन कॉलेज परिसर में बाहरी लोगों का आना-जाना लगा रहता है और कई बार उन्हें खुलेआम नशीली दवाओं तथा शराब का सेवन करते देखा गया है।
यह स्थिति केवल अव्यवस्था नहीं बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। जिस स्थान पर विद्यार्थियों को शिक्षा, संस्कार और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए, वहीं अब नशाखोरी और असामाजिक गतिविधियों का माहौल बनता जा रहा है।
कॉलेज परिसर में इस प्रकार की गतिविधियों के कारण छात्र-छात्राओं के मन में भय और असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। अभिभावक भी अपने बच्चों को कॉलेज भेजने में चिंता महसूस कर रहे हैं।
सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि जब युवा विद्यार्थी रोजाना ऐसे दृश्य देखते हैं, तो इसका उनके मानसिक और नैतिक विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
गलत संगति का खतरा बढ़ जाता है और कुछ कमजोर विद्यार्थी इन असामाजिक तत्वों के प्रभाव में आ सकते हैं, जिससे उनका भविष्य बर्बाद हो सकता है।
यह भी देखा जा रहा है कि परिसर में पर्याप्त निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण बाहरी लोग आसानी से अंदर प्रवेश कर लेते हैं। यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो कॉलेज का वातावरण पूरी तरह खराब हो सकता है।
भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव नजरुल इस्लाम के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और छात्रों ने महाविद्यालय की प्राचार्या को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
इसमें कॉलेज परिसर में नियमित सुरक्षा व्यवस्था के तहत मुख्य द्वार पर सीसीटीवी व सुरक्षा गार्ड, असामाजिक तत्वों पर सख्ती से रोक और पुलिस गश्त की मांग की गई है। कॉलेज का नाम सहित नया प्रवेश द्वार, वाटर कूलर व प्यूरीफायर चालू करने, छात्राओं के लिए बाथरूम में पानी व सेनेटरी पैड, तथा गार्डन की साफ-सफाई कर बैठने की व्यवस्था की मांग भी शामिल है। मांगें जल्द पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई।





