
दुर्ग के प्रमुख सराफा व्यवसायी और सांखला ज्वेलर्स के संचालक प्रकाश सांखला की यात्रा उस जज्बे की मिसाल है, जिसमें छोटे सपने समय के साथ बड़े विजन में बदल जाते हैं।
बर्तन की एक साधारण दुकान से शुरुआत कर आज 15 एकड़ में विकसित हो रहे भव्य सराफा बाजार तक का उनका सफर केवल व्यापारिक विस्तार नहीं, बल्कि विश्वास, पारदर्शिता और दूरदर्शी नेतृत्व की कहानी है।
इंडिया प्राइड अवार्ड से सम्मानित प्रकाश सांखला ने यह साबित किया है कि सराफा जगत में सफलता केवल पूंजी से नहीं, बल्कि शुद्धता, ईमानदारी और ग्राहक-केंद्रित सोच से मिलती है।
उन्होंने पारंपरिक व्यापार मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर ग्राहक अनुभव के साथ जोड़ा। यही कारण है कि उनके नेतृत्व में ग्राहकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और बाजार में उनकी पहचान और मजबूत हुई।
आज विकसित हो रहा 15 एकड़ का सराफा बाजार न केवल व्यापारियों के लिए अवसरों का नया केंद्र बन रहा है, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति दे रहा है।





