दुनियाभर में ईंधन संकट, भारत-पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत 9 एशियाई देश अपना रहे कौन-से उपाय…

ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल के युद्ध ने पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को गहरा झटका दे दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से दुनिया में तेल और गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा रुक गया है।
इस वजह से क्रूड ऑयल की कीमतें 60 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। आशंका जताई जा रही है कि एशिया के कम से कम 9 देश अब गहरे ऊर्जा संकट का सामना कर रहे हैं। यहां के सरकारें सख्त कदम उठा रही हैं ताकि ईंधन बचाया जा सके और अर्थव्यवस्था को बचाया जा सके।
इस संकट का असर बांग्लादेश, पाकिस्तान, थाईलैंड, चीन, वियतनाम, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, जापान और भारत जैसे एशियाई देशों पर हुआ है। हर देश ने अपनी स्थिति के हिसाब से अलग-अलग उपाय किए हैं, लेकिन मकसद एक ही है ऊर्जा की बचत और सप्लाई बनाए रखना।
बांग्लादेश में यूनिवर्सिटी बंद, ईंधन पर लिमिट लगी
बांग्लादेश में सरकार ने सभी यूनिवर्सिटी सोमवार से बंद कर दी हैं। इसका मकसद बिजली और ईंधन की खपत कम करना है। ईद की छुट्टियां भी पहले से शुरू कर दी गई हैं। शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह फैसला वैश्विक स्थिति को देखते हुए लिया गया है।
देश में तेल और गैस की कमी के डर से लोग पहले से ही पैनिक में थे। कई जगहों पर ईंधन की जमाखोरी शुरू हो गई थी। सरकार ने रोजाना ईंधन बिक्री पर लिमिट लगा दी है। गैस की कमी से कई फर्टिलाइजर फैक्टरियां बंद हो गई हैं। सरकार कह रही है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ी तो और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
पाकिस्तान में मंत्रियों की सैलरी, विदेश यात्रा पर रोक
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने तेल की कीमतें बढ़ने पर लागत कम करने का बड़ा प्लान घोषित किया है। मंत्रियों और सलाहकारों की विदेश यात्राएं पूरी तरह रोक दी गई हैं। कैबिनेट सदस्य दो महीने तक सैलरी नहीं लेंगे। सांसदों की सैलरी 25% कटौती होगी।
सरकारी दफ्तर अब हफ्ते में सिर्फ चार दिन खुलेंगे। आधे कर्मचारी घर से काम करेंगे। स्कूल दो हफ्ते के लिए बंद रहेंगे। सरकारी वाहनों को 50% कम ईंधन मिलेगा और 60% वाहन इस्तेमाल नहीं होंगे। सभी विभागों पर 20% खर्च कटौती का आदेश है। शरीफ ने कहा कि अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष की वजह से तेल 100 डॉलर से ऊपर पहुंच गया है।
थाईलैंड में लिफ्ट की जगह सीढ़ियां, वर्क फ्रॉम होम
थाईलैंड में प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने सरकारी कर्मचारियों को ऊर्जा बचाने के कई निर्देश दिए हैं। सरकारी दफ्तरों में लिफ्ट इस्तेमाल पर रोक है। कर्मचारियों को सीढ़ियां चढ़ने को कहा गया है। ज्यादातर कर्मचारी अब घर से काम करेंगे। जनता से सीधे जुड़े अधिकारी इस नियम से छूट पाएंगे।
विदेश यात्राएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। एयर कंडीशनर का तापमान 26-27 डिग्री सेल्सियस रखने का आदेश है। कर्मचारियों को सूट-टाई की जगह शॉर्ट-स्लीव शर्ट पहनने की सलाह दी गई है। एनर्जी मिनिस्टर के मुताबिक देश के पास अभी 95 दिन का ऊर्जा स्टॉक बचा है। सरकार अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका से अतिरिक्त LNG खरीदने की कोशिश कर रही है। अगर संकट बढ़ा तो दुकानों के एड बोर्ड की लाइट कम करना और पेट्रोल पंप रात 10 बजे बंद करना जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
चीन ने क्रूड ऑयल खरीद बढ़ाई, ईंधन निर्यात को रोका
चीन ने ऊर्जा संकट से बचने के लिए स्ट्रैटेजिक रिजर्व बढ़ाना शुरू कर दिया है। साल की शुरुआत में ही ज्यादा क्रूड ऑयल खरीदा गया और इसे स्टोर किया जा रहा है। रिफाइनरी को नए ईंधन निर्यात कॉन्ट्रैक्ट साइन न करने और कुछ पुराने शिपमेंट रद करने को कहा गया है।
सरकार का लक्ष्य घरेलू बाजार में पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट का संघर्ष लंबा चला तो चीन अपने स्ट्रैटेजिक ऑयल रिजर्व का इस्तेमाल कर सकता है।
जापान में नेशनल ऑयल रिजर्व से तेल निकालने की तैयारी
जापान ने अपने नेशनल ऑयल स्टोरेज सेंटर्स को जरूरत पड़ने पर क्रूड ऑयल रिलीज करने के लिए तैयार रहने को कहा है। जापान ऑर्गनाइजेशन फॉर मेटल्स एंड एनर्जी सिक्योरिटी (JOGMEC) के अधिकारियों ने कहा कि यह आदेश नैचुरल रिसोर्सेज एंड एनर्जी एजेंसी ने दिया है। मकसद यह है कि ग्लोबल सप्लाई रुकने पर घरेलू बाजार में तेल की कमी न हो।





