नासिक में सरकारी छात्रावास में यौन शोषण का मामला: कक्षा 10 के आठ छात्रों को पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया…

महाराष्ट्र के नासिक जिले के एक सरकारी छात्रावास में छोटे बच्चों के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के गंभीर आरोप में कक्षा 10 के आठ छात्रों को पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। पीड़ित बच्चे कक्षा 5 और 6 के हैं।
नासिक ग्रामीण पुलिस के अनुसार, यह मामला रैगिंग के नाम पर पिछले छह से सात महीनों से चल रहा था। आरोपी बड़े छात्र छोटे बच्चों को अलग-थलग जगहों पर ले जाकर उनसे जबरन अप्राकृतिक कृत्य करवाते थे।
पीड़ितों के बयानों के आधार पर यह खुलासा हुआ है कि 22 फरवरी को बच्चों ने छात्रावास अधीक्षक को इसकी जानकारी दी थी।
अधीक्षक ने आरोपी छात्रों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें घर ले जाने को कहा और पीड़ितों के अभिभावकों को भी सूचित किया। इसके बाद एक पीड़ित बच्चे के अभिभावक ने मंगलवार को पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
नासिक ग्रामीण पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटिल ने घटनास्थल का दौरा कर जांच की समीक्षा की। एसपी पाटिल ने बताया, “यह रैगिंग के बहाने यौन शोषण का मामला है। आरोपी छात्रों को हिरासत में लिया जा रहा है और उन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा, क्योंकि वे नाबालिग हैं।”
पुलिस ने छात्रावास अधीक्षक और तीन अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्हें घटना की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने पुलिस को सूचित नहीं किया, जो कानूनी रूप से अनिवार्य है।





