बालोद नगर पालिका की ‘अमर टेंडर’ योजना: एक बार जो रेट पास हो गया, वह गंगाजी की तरह पवित्र और अमर हो गया

प्लेसमेंट वाली ‘शिवशक्ति कंस्ट्रक्शन’ के प्रति अगाध निष्ठा के बाद, अब नगर पालिका का दिल शहर के ‘फ्लैक्स और बैनर मुद्रण’ (फ्लेक्स प्रिंटिंग) करने वाली एक पुरानी फर्म पर ऐसा आया है कि तारीखें बदल गईं, सरकारें बदल गईं, लेकिन नपा का प्रिंटर नहीं बदला।
भंडार क्रय नियम और टेंडर की शर्तें तो आम इंसानों के लिए होती हैं, बालोद नगर पालिका तो ‘अध्यात्म’ पर चलती है। यहां वित्तीय वर्ष 2023-24 (यानी आज से करीब तीन साल पहले) में जो रेट और जो फर्म एक बार स्वीकृत हो गई थी, अफसरों ने उसे ‘अमरत्व का वरदान’ दे दिया है।
आज साल 2026 के मई का महीना चल रहा है, लेकिन नगर पालिका में सुशासन के बैनर और फ्लैक्स आज भी उसी ‘प्राचीन काल’ के स्वीकृत रेट पर धड़ल्ले से छप रहे हैं।
तस्वीर बिल्कुल साफ है; बजट चाहे 60 लाख का हो या 6 लाख का, बालोद नगर पालिका में नियम हमेशा ‘वेटिंग लिस्ट’ में ही रहते हैं। अब देखना यह है कि इन ‘अमर टेंडरों’ की छपाई करने वाले अफसरों की विदाई का ऑर्डर कब प्रिंट होता



