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भारतीय किसानों के हितों की सुरक्षा कर रही सरकार, अमेरिका के साथ ट्रेड डील से कृषि, डेयरी और एथनॉल को रखा बाहर…

ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड की तरह ही अमेरिका से होने जा रहे द्विपक्षीय व्यापार समझौते में भारतीय किसानों की प्रमुख फसल व डेयरी को पूरी तरह से दूर रखा गया है।

उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक गेहूं-चावल व अन्य अनाज के साथ तिलहन, आलू, मसाला, लहसुन, मक्का, सोयाबीन, आटा के साथ सभी प्रकार के फूल-पत्ती से जुड़े उत्पाद को समझौते के दायरे से बाहर रखा गया है।

एथनॉल भी व्यापार समझौते से बाहर

ईंधन में इस्तेमाल होने वाले एथनॉल को भी समझौते में शामिल नहीं किया गया है। अब तक यह आशंका जाहिर की जा रही थी कि सोयाबीन व मक्के से बनने वाले अमेरिकी एथनॉल को भारत में आने की इजाजत दे दी जाएगी।

उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, भारत में एथनॉल बनाने में मक्के का काफी इस्तेमाल हो रहा है और इससे सीधे तौर पर किसानों का हित जुड़ा है। इसलिए अमेरिकी दबाव के बावजूद एथनॉल व जानवरों के चारे को शामिल नहीं किया गया।

अमेरिका से भारत में पोल्ट्री-चिकन की नो एंट्री

वैसे भी अमेरिका में मक्के व सोयाबीन की फसल जेनिटिकलि मोडिफाइड है, जिसे भारत में आने की इजाजत दी ही नहीं जा सकती है।

अमेरिका भारत के बाजार में अपनी पोल्ट्री को भेजने के लिए दबाव बना रहा था, लेकिन पोल्ट्री, चिकन और अन्य प्रकार के मांस भी अमेरिका भारत में नहीं भेज सकेगा।

अमेरिका पोल्ट्री व चिकन का बड़ा सप्लायर देश है। अगर अमेरिका को इनकी बिक्री की इजाजत मिल जाती तो घरेलू पोल्ट्री उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था।

चाय और दक्षिण भारत के किसानों से जुड़े उत्पाद नारियल गरी जिसे खोपरा कहा जाता है, को भी समझौते से दूर रखा गया है। तंबाकू को भी समझौते में शामिल नहीं किया गया है।

अमेरिकी कृषि मंत्री की तरफ से यह बयान जारी किया गया था कि भारत ने अमेरिकी कृषि पदार्थों के लिए अपने बाजार खोल दिए हैं और अब अमेरिका से कई कृषि आइटम भारत में निर्यात हो सकेंगे।

अगले तीन-चार दिनों में दोनों देश व्यापार समझौते को लेकर साझा बयान जारी करने जा रहे हैं और अगले मार्च तक समझौते पर अंतिम हस्ताक्षर हो जाएंगे।

किसानों के हितों की सुरक्षा

अमेरिका से पहले भारत ने ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड व यूरोपीय यूनियन के साथ व्यापार समझौता किया है, लेकिन इनमें से किसी भी देश को कृषि व डेयरी से जुड़े आइटम के निर्यात की इजाजत नहीं दी गई।

अमेरिका को पिस्ता, काजू, बादाम व एक कोटा के साथ सेब के निर्यात की इजाजत दी गई है। इन आइटम से भारत के आम किसान पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

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