छत्तीसगढ़दुर्ग

दुर्ग पुलिस ने भाजपा नेता के भाई को पीटा, दिखा-बंदूक के बट से हमला और कॉलर पकड़कर पीछे धकेला; गुंडागर्दी का आरोप…

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की पुलिस ने बंदूक के बट से बीजेपी नेता के भाई को मारा है। नागेश साहू स्टेशन के पास खड़े थे, तभी छावनी थाने में पदस्थ 2 कॉन्स्टेबल वहां पहुंचे और अनावश्यक खड़े लोगों को भगाने लगे। नागेश नहीं हटा तो उससे मारपीट की और कॉलर पकड़कर पीछे धकेल दिया, लेकिन अन्य साथियों से हाथ मिलाते नजर आए।

मामला छावनी थाना क्षेत्र का है। घटना का CCTV भी सामने आया है। नागेश, भाजपा किसान मोर्चा राजनांदगांव के जिला उपाध्यक्ष आनंद साहू के छोटे भाई हैं। भाजपा नेता ने दुर्ग पुलिस पर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि SP से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग करेंगे। हालांकि इस मामले में अभी कोई शिकायत नहीं हुई है।

जानिए क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, 12 मार्च की रात पावर हाउस रेलवे स्टेशन पर बीजेपी नेता और साहू समाज के प्रदेश पदाधिकारी आनंद साहू के छोटे भाई नागेश साहू अपने व्यापार के सिलसिले में भिलाई पहुंचे हुए थे। यहां वे पावर हाउस रेलवे स्टेशन के पास कुछ साथियों के साथ खड़े थे।

इसी दौरान छावनी थाने में पदस्थ 2 कॉन्स्टेबल लव पांडेय और राकेश चौधरी वहां पहुंचे और लोगों को खदेड़कर भगाने लगे। वहां मौजूद अधिकांश लोग पुलिस को देख भागने लगे, लेकिन नागेश साहू और उनके साथी वहीं खड़े रहे।

इस पर कॉन्स्टेबल राकेश चौधरी ने बंदूक उल्टा कर उसके बट से नागेश साहू को मारा। इसके बाद कॉलर पकड़कर पीछे धकेल दिया। वहीं अन्य साथियों से हाथ मिलाते नजर आए। बाद में उन्हें वहां से भगा दिया गया।

भाजपा नेता के भाई ढाबा चलाते हैं

आनंद साहू भाजपा किसान मोर्चा राजनांदगांव के जिला उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ की प्रदेश बॉडी में कार्यसमिति सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि राजनांदगांव में उनका ढाबा है और उनका छोटा भाई नागेश साहू भी ढाबे का संचालन करता है।

उन्होंने कहा कि भिलाई में उनका एक पूर्व कर्मचारी है, जो पहले उनके यहां काम करता था, लेकिन कुछ दिन पहले उसने काम छोड़ दिया था। उससे कुछ एडवांस का पैसा लेना बाकी था। उसी सिलसिले में उनका भाई नागेश साहू भिलाई गया हुआ था।

पुलिसकर्मी पर नशे में होने का लगा आरोप

बीजेपी नेता के अनुसार, वह पूर्व कर्मचारी पावर हाउस इलाके में काम करता है, इसलिए नागेश उससे पेमेंट लेने के लिए वहां गया था। इसी दौरान पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और वहां खड़े लोगों को भगाने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी शायद नशे में थे और उनके शर्ट के बटन भी खुले हुए थे, जैसा उनके भाई ने बताया।

उन्होंने बताया कि पुलिस को देखकर बाकी लोग वहां से भाग गए, लेकिन नागेश और उसके साथ मौजूद लोग नहीं भागे। इसी बात पर पुलिसकर्मियों ने मारपीट शुरू कर दी। आनंद साहू का कहना है कि पुलिसकर्मी शायद यह समझ रहे थे कि सभी लोग उन्हें देखकर भाग रहे हैं, इसलिए इन्हें भी भागना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि उनके भाई ने कोई गुनाह नहीं किया था, इसलिए वह क्यों भागता। उनका कहना है कि पुलिस आम लोगों की सुरक्षा के लिए होती है।

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