आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा! अस्पताल में भर्ती थे 40 मरीज, पोर्टल पर दिखा दिए 592, जांच में खुली पोल…

गरीबों एवं वंचितों के इलाज के लिए वरदान मानी जा रही आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को भ्रष्टाचार का घुन खोखला कर रहा है। स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट ने आयुष्मांन भारत के पैनल वाले अस्पतालों की पड़ताल की तो कड़वी तस्वीर सामने आई।
गोमतीनगर में संचालित शान्या स्कैन अस्पताल में पोर्टल पर 592 मरीज भर्ती दिखाए गए थे, जबकि जांच में सिर्फ 40 मिले। मरीजों की कीमोथेरपी और पीईटी जांच दिखाई गई थी, लेकिन पड़ताल में पता चला कि कोई कीमो नहीं की गई।
अस्पताल की क्षमता 28 बेडों की है, जबकि भर्ती कहीं ज्यादा मरीज किए जा रहे हैं। जांच टीम ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर कई बिंदुओं पर सफाई तलब की है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की नेशनल एंटी फ्रॉड यूनिट राज्य स्तर पर गठित एंटी फ्रॉड यूनिट के साथ मिलकर अस्पतालों की जांच करती है।
अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर मंडल स्तरीय जांच टीमें भी अस्पतालों में पहुंचकर इलाज की गुणवत्ता की परख कर रही हैं। स्टेट एंटी फ्रॉड टीम ने अमृत अस्पताल की जांच की, जहां ओटी के मानकों का उल्लंघन मिला।
कोई डॉक्टर डयूटी पर नहीं मिला। संंक्रमण का खतरा मिला। अर्जुनगंज स्थित पुष्पांजलि अस्पताल में पोर्टल पर नौ मरीज भर्ती दिखाए गए, जबकि मौके पर सिर्फ एक मरीज मिला। अस्पताल में एक भी एमबीबीएस डॉक्टर की डयूटी नहीं मिली।
शताब्दी अस्पताल बेसमेंट में चलता मिला, जहां न हेल्प डेस्क मिली और न कोई इलाजरत था। अर्जुनगंज स्थित मेडी हेल्थ में कोई मरीज भर्ती नहीं मिला।
सिर्फ एक एमबीबीएस चिकित्सक डयूटी पर मिला, जबकि परिसर में बायोमेडिकल कचरा फैला था। साचीज की सीइओ अर्चना वर्मा ने बताया कि मानकों के विपरीत संचालित अस्पतालों को पैनल से बाहर किया जाएगा।





