अंतरराष्ट्रीय

‘हमारे बीच पांच हजार वर्षों का व्यापारिक रिश्ता’, भारत-अरब संबंध पर बोले अव्वाद…

भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक के बीच विदेश मामलों के विशेषज्ञ वायल अव्वाद ने दोनों क्षेत्रों के बीच गहरे ऐतिहासिक और कूटनीतिक संबंधों पर प्रकाश डाला है।

इस वार्ता को भारत और अरब जगत के बीच एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत और अरब देशों के संबंध मात्र आधुनिक कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हमारे बीच पांच हजार वर्षों का व्यापारिक संबंध है।

अव्वाद ने लंबे समय से चले आ रहे संबंधों के संदर्भ को स्पष्ट करते हुए अरब देशों के भौगोलिक विस्तार और भारत के साथ उनके साझा हितों का उल्लेख किया।

प्रचीन काल से ही होता रहा आदान-प्रदान

उन्होंने कहा कि अरब जगत में कुल 22 देश शामिल हैं (11 उत्तरी अफ्रीका में और 11 पश्चिम एशिया व खाड़ी क्षेत्र में)। प्राचीन काल से ही दोनों सभ्यताओं के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था और ज्ञान का निरंतर आदान-प्रदान होता रहा है।

वर्तमान विदेश मंत्रियों की बैठक 10 साल के अंतराल के बाद हो रही है, जो संबंधों को पुन: प्रगाढ़ करने का एक बड़ा संकेत है।

पीएम मोदी के आने के बाद रिश्तों में हुआ ज्यादा सुधार

अव्वाद के अनुसार, 2014 के बाद से भारत-अरब संबंधों में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कई अरब देशों ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा है।

शीर्ष नेतृत्व के बीच बढ़ता विश्वास भारत को अरब जगत के लिए एक ”विश्वसनीय भागीदार” के रूप में स्थापित करता है।

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