पहली बार राष्ट्रपिता की पुण्यतिथि पर शराब की दुकानें खुली रहीं: कांग्रेस…

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर इस साल पहली बार शराब की दुकानों को खुला रखने का निर्णय लिया गया।
इसे लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया रहा। कांग्रेस नेताओं ने इसे महात्मा गांधी के आदर्शों के खिलाफ बताया और भाजपा सरकार पर सवाल उठाए।
कांग्रेस नेताओं ने इसे महात्मा गांधी के आदर्शों और उनके बलिदान का अपमान बताया है तथा मौजूदा भाजपा सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं।
दुर्ग जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने आबकारी विभाग का घेराव भी किया।
बाकलीवाल ने कहा कि महात्मा गांधी ने नशामुक्त और स्वस्थ समाज का सपना देश को दिया। उनकी पुण्यतिथि पर शराब दुकानों को खोलना सरकार की नकारात्मक सोच और संवेदनहीन निर्णय का प्रतीक है।
इस दौरान दुर्ग ग्रामीण जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि हमेशा गांधीजी की जयंती और पुण्यतिथि पर शराब दुकानें बंद रहती थी, लेकिन आज पुण्यतिथि पर प्रदेश के सारे शराब दुकान खुली हुई है और धड़ल्ले से शराब बिक्री होती रही।
वहीं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य, संयम और अहिंसा का प्रतीक था।
उनके शहादत दिवस पर ड्राय डे न घोषित करना केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि गांधी के विचारों के प्रति सरकार की असंवेदनशील सोच को दर्शाता है। यह गांधीजी के विचारों का अपमान है।





