अंतरराष्ट्रीय

‘दुनिया एक-दो शक्तियों के भरोसे नहीं चल सकती’, UN प्रमुख गुटेरेस का बड़ा बयान; भारत-EU समझौते का दिया हवाला…

भारत और यूरोपीय यूनियन (ईयू) के बीच हुए व्यापार समझौते का हवाला देते हुए संयुक्त राष्ट्र (यूएन) प्रमुख एंटोनियो गुटेरस ने बहुध्रुवीय व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि दुनिया एक या दो शक्तियों से नहीं चलेगी। उन्होंने अमेरिका और चीन का परोक्ष संदर्भ देते हुए यह बात कही।

गुटेरस ने कहा कि हालिया भारत-ईयू व्यापार समझौते से बहुत सकारात्मक उम्मीदें हैं और यह वैश्विक बहुध्रुवीयता में योगदान दे सकता है।

यूएन महासचिव गुटेरस ने 2026 के लिए अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए यहां गुरुवार को पत्रकारों से कहा, ‘वर्तमान समय में यह स्पष्ट है कि दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका है। हमारा और कई लोगों का भी भविष्य के संदर्भ में विचार है कि दो ध्रुव हैं- एक अमेरिका केंद्रित और एक चीन केंद्रित।’

उन्होंने कहा, ‘अगर हम एक स्थिर दुनिया चाहते हैं और अगर हम ऐसी दुनिया चाहते हैं, जिसमें शांति कायम रह सके, जिसमें व्यापक विकास हो सके और जिसमें अंतत: हमारे मूल्य कायम रहें तो हमें बहुध्रुवीयता का समर्थन करने की जरूरत है।’

यूएन प्रमुख अमेरिका और चीन का परोक्ष जिक्र करते हुए कहा, ‘वैश्विक समस्याओं का समाधान एक ही ताकत का हुकुम चलने से नहीं होगा। न ही उनका समाधान दो शक्तियों द्वारा दुनिया को प्रतिद्वंद्वी प्रभाव क्षेत्रों में बांटने से होगा।’

अंतरराष्ट्रीय कानून के खुलेआम उल्लंघन जता चुके हैं चिंता

बता दें कि गुटेरस ने कुछ दिन पहले भी अंतरराष्ट्रीय कानून के खुलेआम उल्लंघन पर चिंता जताई थी। उन्होंने 15 जनवरी को 193 सदस्यीय महासभा में कुछ देशों की ओर से अंतरराष्ट्रीय कानून का खुले तौर पर उल्लंघन किए जाने की ¨नदा की थी और कहा था कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर कोई ऐसा मेन्यू नहीं है, जिसमें से अपनी पसंद का नियम चुना जा सके।

उनका यह बयान वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले और अन्य भू-राजनीतिक चुनौतियों की पृष्ठभूमि में आया था। गुटेरस का यूएन महासचिव के रूप में यह दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल 31 दिसंबर, 2026 को समाप्त होगा।

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