मिडिल ईस्ट में फंसे यात्री बाहर निकलने के लिए भारी कीमत चुका रहे हैं, कैब से लंबा सफर तय कर रहे हैं…

ईरान-इजरायल जंग के बीच कतर ने बड़ी घोषणा की है।
बुधवार को ईरानी जवाबी हमले के बीच कतर ने अपने गैस लिक्विफैक्शन ऑपरेशन पूरी तरह से बंद करने का एलान किया है। न्यूज एजेंसी रायटर्स ने यह जानकारी दी है।
कतर ने रोका गैस प्रोडक्शन
शटडाउन से कतर के लिक्विफाइड नेचुरल गैस प्रोडक्शन इन्फ्रास्ट्रक्चर पर गहरा असर पड़ेगा। बता दें कतर ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अहम भूमिका निभाता है।
कतर दुनिया के सबसे बड़े LNG एक्सपोर्टर्स में से एक है। रॉयटर्स के सूत्रों के मुताबिक, फैसिलिटीज के बंद होने के बाद ऑपरेशन्स को फिर से शुरू करने में भी काफी समय लगेगा।
2 हफ्ते का लगेगा समय
इसके साथ ही प्रोडक्शन एक बार फिर से शुरू होने के बाद, कतर को पूरी क्षमता तक पहुंचने में कम से कम 2 हफ्ते और लगेंगे। उन्होंने आगे कहा कि शुरुआती आकलन से पता चलता है कि पूरी तरह से बंद होने के बाद सुविधाओं को वापस ऑनलाइन करने की प्रक्रिया में समय लगेगा।
बढ़ेंगे CNG-PNG के दाम
कतर के इस कदम से भारत में CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) और PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) की कीमतें बढ़ सकती हैं। ईरान पर हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश कतर ही था।
आने वाले समय में जहाजों की आवाजाही रुक गई है और घरेलू बाजार में गैस की सप्लाई में 40% तक की बड़ी कटौती की गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG यानी करीब 2.7 करोड़ टन हर साल कतर से आयात करता है।
बता दें बाहरी देशों से आने वाली LNG को ही गैस में बदलकर भारत में CNG और PNG सप्लाई की जाती है। सप्लाई रुकने से सिटी गैस कंपनियों (CGD) ने चेतावनी दी है कि अगर हालात में सुधार नहीं हुआ, तो CNG और PNG के दाम बढ़ सकते हैं।





