ईरान से जंग के बीच US ने टेस्ट की Minuteman-III मिसाइल, पलभर में दुनिया के किसी भी कोने में मचा देगी तबाही…

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सबसे घातक ‘मिनटमैन-III डूम्सडे बैलिस्टिक मिसाइल’ का परीक्षण किया है। कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से लॉन्च की गई यह अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम है।
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, सांता बारबरा के पास वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से रात 11 बजे ‘मिनटमैन III बैलिस्टिक मिसाइल’ लॉन्च की गई, यह हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से 20 गुना ज्यादा ताकतवर परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। मिसाइल को GT-255 नाम दिया गया है, जिसमें दो टेस्ट री-एंट्री व्हीकल लगे हैं।
मिसाइल परीक्षण ने बढ़ाई हलचल
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका द्वारा किए गए बैलेस्टिक मिसाइल के परीक्षण ने वैश्विक हलचल तेज कर दी है। हालांकि, अमेरिकी वायु सेना के ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने इसे एक ‘नियमित परीक्षण’ बताते हुए कहा, ICBM का यह परीक्षण वर्षों पहले से निर्धारित था और वर्तमान वैश्विक घटनाओं से इसका कोई लेना देना नहीं है।
वायु सेना के ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान में कहा, “यह दशकों से चले आ रहे डेटा-आधारित कार्यक्रम का एक प्रमुख घटक है, जिसमें हथियार प्रणाली के प्रदर्शन को प्रमाणित करने के लिए डिज़ाइन किए गए 300 से अधिक समान परीक्षण शामिल हैं। इन नियमित परीक्षणों से एकत्रित डेटा वर्तमान और भविष्य के सैन्य विकास के लिए आवश्यक है।”
क्यों किया परीक्षण?
यूएस स्पेस फोर्स के मुताबिक, जीटी 254 के रूप में जाना जाने वाला यह मिनटमैन III बैलिस्टिक मिसाइल को तत्परता और सटीकता को सत्यापित करने’ के लिए दागा गया था। यह पश्चिम-मध्य प्रशांत महासागर में मार्शल द्वीप के पास अपने टार्गेट पर जाकर गिरा।
अमेरिकी एयरफोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने बताया कि इस परीक्षण का मकसद यह देखना था कि अमेरिका की जमीन से दागी जाने वाली परमाणु मिसाइल प्रणाली कितनी प्रभावी, तैयार और भरोसेमंद है।
कितनी खतरनाक है यह मिसाइल?
मिनुटमैन III एक प्रलयकारी मिसाइल है। यह एक सिंगल मार्क-21 हाई-फिडेलिटी री-एंट्री व्हीकल से लैस है। यह अमेरिका की एकमात्र गैर-मोबाइल, साइलो-आधारित, भूमि-आधारित, परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल है।
यह तीन स्वतंत्र युद्धक एक साथ ले जा सकता है, जो जमीन पर गिरने से पहले अलग-अलग दिशाओं में उड़ सकते हैं। इसे प्रलयकारी मिसाइल कहा जाता है, क्योंकि एक बार दागे जाने के बाद, विकिरण के व्यापक प्रसार के कारण पृथ्वी रहने योग्य नहीं रह सकती है।





