
दुर्ग-भिलाई से शुरू हुआ एक छोटा सा प्रशिक्षण केंद्र आज शिक्षा, हेल्थकेयर, डिजाइनिंग, मल्टी-ब्रांड रिटेल और अब फूड चेन सेक्टर तक अपना विस्तार कर चुका है।
मेघा ग्रुप के चेयरमैन मनीष पारख ने सीमित संसाधनों के साथ शुरुआत की, लेकिन स्पष्ट विजन और स्ट्रक्चर्ड प्लानिंग के दम पर उन्होंने एक मल्टी-सेक्टर बिजनेस नेटवर्क खड़ा कर दिया।
चार कंप्यूटर से शुरू हुआ यह सफर आज 50 से अधिक कोर्स, एडवांस डायग्नोस्टिक सुविधाओं, NABL और NABH प्रमाणित हेल्थकेयर सेवाओं, 500 से अधिक कर्मचारियों और तेजी से बढ़ती फूड चेन ब्रांड उपस्थिति तक पहुंच चुका है।
उनकी रणनीति केवल व्यापार विस्तार तक सीमित नहीं रही, बल्कि स्थानीय जरूरतों को समझते हुए क्वालिटी सर्विस और रोजगार सृजन पर केंद्रित रही है।
शिक्षा मॉडल को इंडस्ट्री-ओरिएंटेड बनाना हो, सुपर डायग्नोस्टिक हब स्थापित करना हो या अब उपभोक्ताओं के लिए संगठित फूड चेन विकसित करना हो, हर कदम में दीर्घकालिक सोच और प्रोफेशनल मैनेजमेंट साफ दिखाई देता है। मनीष पारख का यह मॉडल छत्तीसगढ़ में इंटीग्रेटेड और सस्टेनेबल बिजनेस ग्रोथ की नई मिसाल बन रहा है।





