‘पत्नी या शादी… क्या मायने नहीं रखता?’, महिला दिवस पर TVK कार्यकर्ता ने विजय से पूछा यह सवाल…

अभिनेता से नेता बने विजय की निजी जिंदगी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बीच तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की एक महिला कार्यकर्ता ने उनकी कड़ी आलोचना की है।
एक साल पहले भाजपा छोड़ टीवीके में शामिल होने वाली रचना नाचियार ने महिला दिवस के मौके पर एक संदेश देते हुए विजय के बयान को गलत मैसेज देने वाला बताया। साथ ही चेतावनी दी कि नेताओं को सावधान रहना चाहिए।
क्या है मामला?
दरअसल, यह टिप्पणी विजय की पत्नी संगीता की तलाक की अर्जी की खबरें सार्वजनिक होने के कुछ दिन बाद आई है। इसी दौरान वह एक्ट्रेस त्रिशा कृष्णन के साथ चेन्नई में एक शादी के रिसेप्शन में भी दिखे। इन सभी चीजों को लेकर विजय और संगीता के तलाक की खबरें चर्चा का विषय बन गईं।
फिर जब टीवीके ने महिला दिवस पर एक कार्यक्रम रखा तो विजय ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, “हाल के घटनाक्रमों को मैं देख लूंगा। दुखी मत होइए। यह मायने नहीं रखता है। हम सिर्फ जनता के मुद्दों पर ध्यान देंगे।”
टीवीके कार्यकर्ता ने क्या कहा?
विजय की बातों पर प्रतिक्रिया देते हुए रंजना ने सीधे सवाल पूछा और कहा, ‘जब यह मायने नहीं रखता है तो इसका क्या मतलब है? जब आपने कहा कि यह मायने नहीं रखा तो आपका क्या मतलब है लीडर? क्या आपकी पत्नी इसके लायक नहीं या फिर आपकी शादी?’
उन्होंने विजय के महिलाओं को मजबूत बनाने के वादों और उनकी बातों के लहजे के बीच एक विरोधाभास की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि यह अजीब लगता है कि कोई नेता महिलाओं की भलाई के बारे में बात करे और अपने परिवार के बारे में शब्दों में इज्जत न दिखाए।
रंजना ने पूछा, “जब इस बात पर चर्चा हो रही है कि आपकी पत्नी को अपने ही घर में एंट्री के लिए कोर्ट जाना पड़ा तो जब आप मंच पर घरों को फ्री गैस सिलेंडर देने की बात करते हैं तो यह कैसा लगता है?”



