
आईआईटी भिलाई में मंगलवार को ‘तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना और अधिकारी-कर्मचारियों के बातचीत कला, तात्कालिक चिंतन क्षमता का विकास करना है।
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति नराकास, भिलाई-दुर्ग के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में भिलाई-दुर्ग क्षेत्र के विभिन्न केंद्र सरकार के कार्यालयों, बैंकों और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
संस्थान के उपकुलसचिव एवं हिंदी अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल हिंदी के प्रति प्रेम जगाते हैं, बल्कि विभिन्न संस्थानों के बीच एक वैचारिक सेतु का निर्माण भी करते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी शिक्षा और राजभाषा का समन्वय आधुनिक भारत की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीएसपी के चीफ़ ऑफ़ कम्यूनिकेशन एवं महाप्रबंधक प्रभारी अमूल्य प्रियदर्शी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि बीएसपी के महाप्रबंधक राजीव कुमार रहे।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन करने के लिए एक उच्च स्तरीय निर्णायक मंडल का गठन किया गया था, जिसमें महाप्रबंधक बीएसपी बोन्या मुखर्जी, महाप्रबंधक सेल-सीईटी पारमिता महान्ति, सहायक प्राध्यापक (भौतिकी विभाग) अंजली चौधरी शामिल रहे।
निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति, भाषा प्रवाह, आत्मविश्वास, तार्किकता और विषय वस्तु की गहराई के आधार पर विजेताओं का चयन किया।
प्रतियोगिता के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आईआईटी के उपकुलसचिव सचिन मिश्र, सुभाष पांडे, रेशमा बानो शामिल रहे।





