अंतरराष्ट्रीय

पश्चिमी एशिया की जंग रूस के लिए बनी ‘आपदा में अवसर’? तेल के खेल में हुआ अरबों डॉलर का मुनाफा…

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध का आज 17वां दिन है। इस युद्ध की वजह से वैश्विक बाजार में ऊर्जा संकट बढ़ गया है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान की मजबूत पकड़ ने तेल आयात करने वाले सभी देशों को वैकल्पिक सप्लाई रास्तों की तलाश में भाग-दौड़ करने पर मजबूर कर दिया है। लेकन इन सभी बातों के बीच रूस पैसा कमा रहा है।

दुनियाभर में तेल बेच रहा रूस

मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध से जहां दुनिया के सभी देश परेशान हैं, वहां रूस के लिए यह युद्ध आपदा में अवसर की तरह है। द फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुतबिक, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण रूस को काफी फायदा हुआ है।

2022 में यूक्रेन के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से रूस, अमेरिकी प्रतिबंधों की मार झेल रहा था। रिपोर्ट में बताया गया है कि जैसे-जैसे ईरान-इजरायल युद्ध आगे बढ़ रहा है, रूस तेल की बिक्री से हर दिन 150 मिलियन डॉलर तक का अतिरिक्त बजटीय राजस्व कमा रहा है।

रूस का यूराल क्रूड, जो करीब दो महीने पहले तक 52 डॉलर प्रति बैरल बिक रहा था, अब 70-80 डॉलर प्रति बैरल बिक रहा है।

रूस ने कमाया कितना प्रॉफिट?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान युद्ध के पहले 12 दिनों में रूस के तेल निर्यात का अनुमान लगाया जाए तो इस देश तो 1.3 बिलियन डॉलर से 1.9 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त कर राजस्व कमाया है।

ईरान अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रहत है और ऑयल सप्लाई के लिए इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं देता है, तो इस महीने के अंत तक रूस 3.3 बिलियन डॉलर से 5 बिलियन डॉलर तक अतिरिक्त राजस्व कमा सकता है।

यूक्रेन ने किया अमेरिका का विरोध

अमेरिका ने ईरान युद्ध के बीच रूसी तेल प्रतिबंधों पर 30 दिनों की छूट का एलान किया। अमेरिका के इस फैसले का यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने विरोध किया, लेकिन इसके बावजूद ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल पर दिए छूट के फैसले को बरकरार रखा है।

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