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Central Adoption Resource Authority का निर्देश-गोद लेने की प्रक्रिया का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए…

केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तीन कार्यालय ज्ञापन जारी कर उन्हें गोद लेने की प्रक्रियाओं का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने, गोद लिए गए बच्चों के रिकार्ड को सुरक्षित रखने और बच्चों की पहचान की रक्षा करने का निर्देश दिया है।

सीएआरए ने किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 (2021 में संशोधित) और दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 के प्रविधानों के अनुसार राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन एजेंसियों (एसएआरए) को ये निर्देश जारी किए हैं।

अधिनियम के तहत गोद लेने का उद्देश्य अधिनियम की धारा 56 (1) के तहत परिकल्पित अनाथ, परित्यक्त और समर्पण किए गए बच्चों के लिए परिवार के अधिकार को सुरक्षित करना है।

देश में दत्तक ग्रहण संबंधी शीर्ष संस्था सीएआरए ने किसी बच्चे को गोद लेने के लिए कानूनी रूप से स्वतंत्र घोषित करने से पहले वैधानिक प्रक्रियाओं और समय-सीमाओं के अनिवार्य पालन को दोहराया है।

इसने स्पष्ट किया कि उचित जांच, जैविक माता-पिता का पता लगाने, परिवार से पुन: मिलाने के प्रयासों और निर्धारित समय सीमा के भीतर अन्य वैधानिक आवश्यकताओं को पूरा किए बिना किसी भी अनाथ या परित्यक्त बच्चे को कानूनी रूप से गोद लेने के लिए स्वतंत्र घोषित नहीं किया जा सकता है।

सरेंडर किए गए बच्चों के मामले में अधिनियम के तहत निर्धारित दो महीने की अनिवार्य पुनर्विचार अवधि का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए और उसके बाद ही बच्चे को दोबारा गोद लेने के लिए स्वतंत्र घोषित किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही बच्चों और गोद लिए गए व्यक्तियों के रिकार्ड की सुरक्षा, रखरखाव और हस्तांतरण संबंधी नीतिगत स्पष्टीकरण जारी किया गया है।

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