छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ बोर्ड ने 12वीं का हिंदी पेपर रद्द किया: परीक्षा से 10 घंटे पहले टेलीग्राम पर पेपर लीक, अब 10 अप्रैल को दोबारा होगी परीक्षा…

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कक्षा 12वीं की हिन्दी परीक्षा को रद्द कर दिया है। मंडल की ओर से जारी आदेश के अनुसार 14 मार्च 2026 को आयोजित हिन्दी विषय की परीक्षा अब अमान्य मानी जाएगी। इसे दोबारा 10 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। यानी स्टूडेंट्स को एग्जाम फिर से देना होगा।

दरअसल, 15 और 16 मार्च को सोशल मीडिया और कुछ समाचार पत्रों में हिन्दी विषय के सेट ‘बी’ का प्रश्नपत्र लीक होने के दावे सामने आए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच के लिए साइबर थाने में लिखित सूचना दी गई। सिटी कोतवाली में FIR भी दर्ज कराई गई।

इसके बाद मंडल की परीक्षा समिति की बैठक 23 मार्च 2026 को आयोजित की गई, जिसमें जांच के आधार पर परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया गया। बता दें कि भास्कर सबसे पहले उन छात्रों तक पहुंचा था, जिन्होंने लीक पेपर अलग-अलग ग्रुप्स में सर्कुलेट किया। अब मंडल ने भी यह माना है कि पेपर लीक हुआ है।

फिर से देनी होगी हिंदी की परीक्षा

मंडल ने बताया है कि हिन्दी विषय की परीक्षा अब 10 अप्रैल को सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक होगी। छात्रों को सुबह 9 बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। 9:05 बजे उत्तर पुस्तिका मिलेगी, 9:10 बजे प्रश्नपत्र दिया जाएगा और 9:15 बजे से लिखना शुरू करना होगा।

मंडल ने छात्रों से कहा है कि वे नई समय-सारणी ध्यान से देखें और उसी के अनुसार तैयारी करें। जरूरत पड़ने पर परीक्षा की तारीख और समय में बिना पहले बताए बदलाव भी किया जा सकता है। अगर परीक्षा के दौरान कोई छुट्टी घोषित होती है, तब भी परीक्षा तय समय पर ही होगी।

लीक पेपर अलग-अलग ग्रुप्स में सर्कुलेट करने वाले छात्रों तक पहुंचा था भास्कर, पढ़िए पूरी कहानी…

लीक, लीक, लीक…एक रैंडम टेलीग्राम ग्रुप पर 13 मार्च, रात करीब 11 बजकर 10 मिनट पर ये मैसेज आया। मैसेज के साथ एक इमेज अटैच थी। आगे लिखा था 12th बोर्ड हिंदी पेपर, दो इमोजी और अगली लाइन…सीजी बोर्ड 2026 रियल क्वेश्चन पेपर। ग्रुप के सभी मेंबर्स ने बिना देरी किए सबसे पहले ये इमेज मोबाइल पर सेव कर ली।

इसके बाद ये इमेज वाला मैसेज 15 मिनट में 15,000 से अधिक स्टूडेंट के मोबाइल पर पहुंच गया। इमेज के दो पन्नों पर 15 सवाल थे। पहले पेज के कॉर्नर पर लिखा था B। सभी 15 सवाल हाथ से लिखे गए थे, लेकिन लिखाई का पैटर्न बिल्कुल असली क्वेश्वचन पेपर की तरह था।

हम उन स्टूडेंट्स तक पहुंचे, जिन्होंने शुरूआती दौर में लीक पेपर अलग-अलग ग्रुप्स में सर्कुलेट किया था। पता चला कि सिर्फ हिन्दी ही नहीं, अंग्रेजी और कुछ दूसरे सब्जेक्ट्स के भी पेपर इसी तरह की हैंड राइटिंग में लिखकर कई ग्रुप्स में शेयर हुए थे।

पेपर लीक का ये मामला किसी एक जिले तक सीमित नहीं है। इसके अलावा भी कई चौंकने वाले खुलासे हुए हैं।

10 घंटे पहले ही लीक हुआ था पेपर

14 मार्च को सुबह ठीक 9 बजे, छत्तीसगढ़ बोर्ड का हिंदी पेपर शुरु हुआ। इस पेपर के सेट B में पूरे 15 सवाल वही और उसी क्रम में पूछे गए जो इमेज में थे। यहां तक कि वैकल्पिक सवाल भी मेल खा गए। यानी बोर्ड का पेपर एग्जाम शुरू होने के लगभग 10 घंटे पहले ही लीक हो चुका था।

पर्चा जो 13 मार्च की रात वायरल हुआ था।

पर्चा जो 13 मार्च की रात वायरल हुआ था।

साइबर पुलिस करेगी पेपर लीक की जांच

लेकिन बोर्ड के अधिकारी- कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। पेपर के दो दिन बाद, 16 मार्च को पूरे मामले की शिकायत बोर्ड के अधिकारियों ने सिविल और साइबर पुलिस थाने में की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। लेकिन इससे पहले भास्कर ने पूरे मामले को अपने स्तर पर इंवेस्टिगेट किया।

सीन 1: रायपुर में इंजनियरिंग कर रहे स्टूडेंट के मोबाइल पर आया मैसेज

लीक मामले में कई कड़ियां जोड़ने के बाद हमारा संपर्क रायपुर की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से इंजनियरिंग कर रहे स्टूडेंट रजत साहू (बदला हुआ नाम) से हुआ। रजत धमतरी के रहने वाले हैं। रजत उन चुनिंदा लोगों में से एक हैं, जिनके पास लीक हुआ पेपर सबसे पहले पहुंचा था।

रजत ने बताया उन्हें किसी ने एक टेलिग्राम ग्रुप से जोड़ा था। इसी टेलीग्राम ग्रुप पर 13 मार्च रात 11 बजे के आसपास लीक पेपर आया था। जोकि वो बारहवीं की पढ़ाई नहीं कर हैं, उन्हाेंने ज्यादा दिलस्पी इस बात में नहीं दिखाई कि ये मैसेज किसने भेजा और उन्हें ग्रुप में किसने जोड़ा।

लेकिन पेपर उन्होंने सेव कर लिया। इसके बाद अपनी एक फ्रेंड को कॉल किया, उससे पूछा- हिन्दी का पेपर हो गया? दूसरी तरफ से जवाब आया, कल तो है। रजत ने इसके बाद अपनी फ्रेंड को टेलीग्राम पर आया हुआ पेपर शेयर कर दिया। लेकिन रजत की बातों से हमें ये लगा कि वो कई बातें छुपा रहे हैं।

टेलीग्राम ग्रुप का नाम पूछने पर उन्होंने बताया कि याद नहीं। ग्रुप लिंक मांगा तो कहा- पेपर लीक का मामला आते ही उन्होंने सब कुछ हटा दिया है। खुद भी ग्रुप से लेफ्ट हो गए। पूछा- इस तरह से कोई दूसरा पेपर भी कभी आया था। रजत ने जवाब दिया- नहीं। जबकि हमें ये कंफर्म था कि रजत ने इसी तरह अंग्रेजी का पेपर भी शेयर किया है।

हालांकि इसके बाद रजत से हमने ये कहते हुए बात समाप्त कर दी कि आगे कोई अपडेट मिले तो बताना।

सीन 2: रजत की फ्रेंड ने अपने फ्रेंड को भेजा वायरल पेपर

रजत से बात करने से पहले हम उसकी दोस्त सुनीता (बदला हुआ नाम) तक पहुंच चुके थे। सुनीता गरियाबंद की रहने वाली हैं। उन्होंने हमें बताया कि रजत ने उन्हें ये वायरल पेपर 13 मार्च की रात 11 बजकर 23 मिनट को भेजा था। कहा था कि इन सवालों को भी ध्यान से पढ़ लेना।

सुनीता ने हमें ये भी बताया कि कई टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल पेपर की तरह दूसरे पेपर्स भी आते थे। रजत ने इसी तरह का अंग्रेजी का पर्चा भी शेयर किया था। लेकिन बाकी दूसरे पर्चों से एग्जाम में चार-पांच सवाल ही फंसते, वो भी हर बार नहीं।

‘जैसा लीक पेपर में था वैसा ही क्वेश्चन आया’

सुनीता के मुताबिक, स्टडी ग्रुप में एग्जाम के पहले इस तरह के मॉडल क्वेश्चन पेपर भेजना आम बात हैं। हम इन्हें इम्पार्टेंट क्वेश्चन की तरह कंसीडर्ड करते हैं। इस उम्मीद से नहीं पढ़ते कि वो असल एग्जाम में पूछे जाने वाले प्रश्न होंगे। ऐसा होता भी नहीं।

लेकिन उस रात लीक वायरल पेपर के सवाल अगले दिन के एग्जाम में पूछे गए सवालों की नकल थे। हम खुद हैरान थे कि सब कुछ वैसा ही कैसे पूछ लिया गया। सोशल मीडिया में अगले दिन पेपर लीक का मामला सामने आया। मैं बहुत डर गई, घर वालों को कुछ भी पता चलता तो वो बहुत चिल्लाते।

इसलिए मैंने सभी दूसरे ग्रुप और पेपर से जुड़े चैट तुरंत मोबाइल से हटा दिए। हालांकि सुनीता ने बताया कि उन्होंने ये पेपर अपने दोस्त शोभित से भी शेयर किया था।

सीन 3: शोभित ने जीनियस एकेडमी के ग्रुप में शेयर किया था पेपर

शोभित वही स्टूडेंट हैं जिनका चैट अब तक बाकी सभी न्यूज प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। शोभित ने ही जीनियस एकेडमी के व्हाट्सएप ग्रुप पर हिन्दी का पेपर शेयर किया था। शोभित कोरबा के रहने वाले हैं।

शोभित इस पेपर लीक मामले की वो कड़ी हैं जिनके जरिए हम सुनीता और उसके बाद रजत तक पहुंचे। शोभित ने बताया उन्हें पेपर रात 1 बजे के बाद मिला। ये पेपर सिर्फ सुनीता के पास नहीं था। उनके कई और दोस्तों के पास भी पहुंचा था। मैंने तो बस सुनीता से मिला पेपर ग्रुप में शेयर किया।

मुझे नहीं पता था कि वो असल एग्जाम में पूछे जाने वाले सवाल होंगे। ये पेपर किसी टेलीग्राम लिंक पर आया। और बहुत तेजी से वायरल हुआ था। मेरा A सेट आया था। लेकिन एग्जाम हाल से निकलते ही दोस्तों ने बताया वायरल पेपर असली था। B सेट में सारे वही सवाल थे।

Back to top button