छत्तीसगढ़

पहाड़ी चौक–शुक्रवारी बाजार रोड चौड़ीकरण: विरोध के बीच चला बुलडोजर, 40 मकान ढहे; अब रोज सख्ती, 3 लाख से ज्यादा लोगों को जाम से राहत…

पहाड़ी चौक से शुक्रवारी बाजार तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट को सोमवार से जमीन पर गति मिल गई। पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने नजूल भूमि पर बने निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।

विरोध-हंगामे के बीच अब तक 40 से ज्यादा मकान तोड़े गए। सोमवार को कार्रवाई के दौरान 50 से ज्यादा लोगों ने जमकर विरोध किया। इस दौरान महिलाएं भी मौजूद रहीं।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गु​ढ़ियारी थाने भेज दिया, जिसके बाद तीन जेसीबी से तोड़फोड़ शुरू हुई। प्रभावित लोगों ने मांग की कि केवल मार्किंग तक ही तोड़फोड़ हो, लेकिन प्रशासन ने इसे नहीं माना।

अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई नजूल भूमि पर हो रही है और मुआवजा पहले ही दिया जा चुका है। यह सड़क फिलहाल संकरी है, जहां शाम को जाम लगता है।

पहले चरण के लिए 32 करोड़ रुपए स्वीकृत हैं और सड़क दोनों ओर 33-33 फीट तक चौड़ी होगी। करीब 75 भू-स्वामी और 80 निर्माण प्रभावित हैं।

नई सड़क बनने से गुढियारी, रामनगर, कोटा, अशोक नगर, गोगांव, कबीर नगर और टाटीबंध सहित 13 वार्डों के लोगों को राहत मिलेगी। अभी लंबा रास्ता और जाम झेलना पड़ता है।

सड़क बनने पर स्टेशन और एक्सप्रेस-वे तक सीधा रास्ता मिलेगा, जिससे 15-20 मिनट समय बचेगा और 3 लाख से ज्यादा लोग लाभान्वित होंगे।

लोगों के रोज 15 से 20 मिनट बचेंगे

क्यों जरूरी था ये एक्शन

  • रोज शाम 4 से 8 बजे तक जाम से जूझते थे लोग
  • सिंगल लेन सड़क पर बढ़ता ट्रैफिक बना मुसीबत
  • स्टेशन और एक्सप्रेस-वे पहुंचने में 20 मिनट ज्यादा लगते थे
  • 3 लाख आबादी सीधे प्रभावित

मुआवजे ने रोका था काम

  • पहले दर: 29 हजार रु./वर्गमीटर
  • अब नई दर: 36 हजार रु./वर्गमीटर
  • 7 हजार बढ़ोतरी से लागत में 36 करोड़ का इजाफा
  • भू-स्वामियों ने पुराने दर पर भुगतान लेने से किया था इनकार

25 साल पुरानी दुकान टूटी निराला यादव ने बताया कि साइकिल की दुकान करीब 25 साल पुरानी थी। शासन ने जितनी मार्किंग की थी, उतना ही हिस्सा तोड़ा जाना चाहिए था। पूरे हिस्से को तोड़ देने से रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।

पट्टा होने के बाद भी नहीं मिली राहत प्रेम नारायण साहू ने बताया कि बेकरी की दुकान करीब 50 साल पुरानी थी। इस दुकान के लिए शासन की ओर से पट्टा भी दिया गया था। इसी दुकान से उनका घर-परिवार चलता था।

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