छत्तीसगढ़

बदलता समाज: शादी की बढ़ती उम्र, अब 30–33 साल में ले रहे फेरे; युवा चाहते हैं पति-पत्नी दोनों हों कमाऊ…

शादी को लेकर अब छत्तीसगढ़ियों की सोच बदल रही है। पहले जहां शहरी क्षेत्र में शादी की उम्र 27 से 29 थी, जो अब 30 से 33 हो गई है। व में भी 23-25 की उम्र बढ़कर 27- 29 साल हो गई है। यह खुलासा एक सर्वे से हुआ।

आर्थिक स्वतंत्रता, कामकाज और कॅरियर पर ध्यान देने से युवाओं में आ रहे परिवर्तन को देखते हुए हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने साइंस कॉलेज और कल्याण कॉलेज, मानव संसाधन संस्कृति विकास परिषद समेत स्वयं सेवी संगठनों के साथ मिलकर सर्वे किया।

इसमें एनसीसी और एनएसएस के कैडेट्स को भी शामिल किया गया। सर्वे में 2000 विद्यार्थियों ने करीब 20 हजार युवाओं से कॅरियर, आर्थिक स्वतंत्रता और शादी से जुड़े सवाल पूछे। इसके लिए वर्ष 2015-16 से 2024-25 तक में आए परिवर्तनों का अध्ययन किया गया।

सर्वे में यह बात सामने आई कि 63% युवक खुद से अधिक आय वाली महिला से शादी को तैयार हैं। वहीं तलाकशुदा या परित्यक्ता से भी शादी करने वालों की संख्या 9% है। युवाओं में अंतरजातीय विवाह को लेकर जागरुकता आई है। पहले ऐसे लोगों की संख्या 93% थी जो अब घटकर 63% हो गई है। 12% युवतियां खुद से कम आय वाले युवक से शादी करने को तैयार हैं।

2000 छात्रों ने 20 हजार से ज्यादा युवाओं से कॅरियर, आर्थिक स्वतंत्रता और शादी पर राय जानी

  • 77% पुरुष खुद से ज्यादा कमाने वाली महिला से शादी को तैयार।
  • 82% लोग चाहते हैं कि पति-पत्नी दोनों कमाएं, सिर्फ 10% ‘सिंगल अर्नर’ के पक्ष में।
  • 68% युवा अगले 6 महीने के भीतर ही शादी करना चाहते हैं।
  • 51% रह गई सख्त जाति प्राथमिकता यह पहले 91% थी।
  • 49% लोग ही जाति को अहमियत दे रहे हैं बड़े शहरों में।
  • 16% दूसरी शादी चाहने वाले। पहले 11% था। (43% की बढ़ोतरी हुई)।
  • 63% प्रोफाइल अब युवा खुद मैनेज कर रहे। (पहले से 10% ज्यादा वृद्धि )
  • 33% से 23% रह गया है माता-पिता का नियंत्रण। (पहले से 10% कम हुआ)
  • 85% युवा के लिए पगैर से ज्यादा सही जीवन साथ होना जरूरी।

माता-पिता का नियंत्रण 33% से घटकर 23% बचा

कल्याण कॉलेज समाज शास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. केएन दिनेश कुमार ने बताया कि 77% युवा खुद का प्रोफाइल मैनेज कर रहे हैं। माता-पिता का नियंत्रण 33% से घटकर 23% तक बचा है। पहले 91% लोग स्वजातीय विवाह के पक्षधर थे, पर अब ये घटकर 51% बचे हैं। शहरी क्षेत्र में 25 से 29 साल के समूह में 50% युवतियां अविवाहित हैं। पुरुषों में 30 से 33 साल के हैं। यह विवाह में देरी का संकेत हैं। इसका कारण उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, कॅरियर को प्राथमिकता के देने लगे हैं।

अंचल में विवाह उम्र बढ़ी, बाल विवाह का अनुपात गिरा हेमचंद विवि के एनएसएस समन्वयक और साइंस कॉलेज में संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रो. जनेंद्र कुमार दीवान ने बताया कि प्रदेश में नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की शादी 19.3 से 23 साल के बीच हो जाती थी। यह 27 से 29 साल तक पहुंच गई है। पहले की तुलना में बाल विवाह का अनुपात भी गिरा है। इसका कारण कॅरियर और उच्च शिक्षा की लालसा है। हालांकि छत्तीसगढ़ की तीन चौथाई से अधिक जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। जहां अब भी पारपंरिक संस्कृति-मूल्य चलन में हैं।

30% से 40% युवा देरी से शादी को तरजीह दे रहे मानव संसाधन संस्कृति विकास परिषद के सचिव मनोज भारती ने बताया कि वर्ष 2016 से 2025 तक यह बात देखने में आ रही है कि 30 से 40% युवा खासकर जो शहर या नगरीय क्षेत्र में रह रहे हैं, वे जल्दी शादी नहीं करना चाहते। मैं 8000 से ज्यादा युवक और युवतियों से मिल चुका हूं। जल्दी शादी के स्थान पर कुछ बन जाने के बाद घर बसाने की बात कही। उच्च शिक्षा, रोजगार, व्यक्तिगत बातें इसके प्रमुख कारण हैं। कई युवा तनावग्रस्त भी रहने लगे हैं।

Back to top button