
सामान्य सभा में लिए निर्णय पूरी गंभीरता से करें पालन।
जनता की रिपोर्ट :- धमतरी। जिला पंचायत धमतरी के सामान्य सभा की बैठक जिला पंचायत सभाकक्ष में हुई। अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने की। बैठक में जिले के विकास से जुड़े प्रमुख विभागों के कार्य प्रगति की समीक्षा की गई। शिक्षा विभाग के कार्य, विद्युत विभाग के कार्य, महानदी जलाशय परियोजना बांध क्रमांक-2, 38 एवं 90 के कार्य, लोक निर्माण विभाग के कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्य, क्रेडा विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्यों ने की। शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक उपस्थिति, स्मार्ट क्लास एवं मूलभूत सुविधाओं पर विशेष चर्चा की गई।
विद्युत विभाग को ग्रामीण अंचलों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। महानदी जलाशय परियोजना के तहत लंबित कार्यों पर विस्तृत चर्चा हुई और समयबद्ध पूरा करने पर बल दिया गया। लोक निर्माण विभाग से सड़कों की गुणवत्ता, मरम्मत कार्य एवं पुल-पुलियों की स्थिति की समीक्षा की गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल की उपलब्धता, हैंडपंपों की मरम्मत एवं नल-जल योजनाओं के संचालन पर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। क्रेडा विभाग को नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं के प्रसार और अधिक से अधिक गांवों में सौर ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
विधायक ओंकार साहू एवं सिहावा विधायक प्रतिनिधि ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं और आवश्यकताओं को सामने रखा। उन्होंने शिक्षा, सड़क, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार पर बल दिया। बैठक में जिला पंचायत सदस्य टीकाराम कंवर, मीना साहू, मोनिका देवांगन, कविता बाबर, धनेश्वरी साहू, कुलेश्वरी गायकवाड़, पूजा सिन्हा, गरिमा नेताम, सिहावा क्षेत्र के विधायक प्रतिनिधि, जिपं सीईओ रोमा श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने कहा कि सामान्य सभा का उद्देश्य जनता की मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़े विषयों की समीक्षा करना है। सभी विभाग समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। जिपं सीईओ रोमा श्रीवास्तव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश कर कहा जिला पंचायत की सामान्य सभा में लिए गए निर्णयों का गंभीरता से पालन करें। कार्यों की समीक्षा केवल औपचारिकता नहीं बल्कि जनसेवा की जिम्मेदारी है।





